User Login Detail

About Deal2Win

Millions of users tried out 1st generation bidding fee auctions. Most lose money and have a poor experience.our founder decided to create a fair and honest alternative to bidding fee auctions, where losing bidders don’t have to lose the money they spent bidding.

This is what we changed
Buy it Now & Get Your Bids Back for Free

On 1st generation pay to participate auctions there were many losers and only one winner. Bidders who lost an auction would also lose their money. Deal2win lets you try until you win. If you didn’t win an auction, you can buy the item for the listed price and get the bids you spent back to your account.
We call this “Buy it Now & Get Your Bids Back for Free” .


No questions asked 90-day money back guarantee

Some customers are curious about the deals, but just don’t enjoy the auction model that requires them to purchase bids before playing. Unlike many pay to participate auctions, with Deal2win you can first try us for free and see if you like it. We didn’t want to build a business on customers who try us once and then feel that it’s not really for them. That’s why we’ll always honor a full refund of the first purchase for any or no reason at all within 90 days of purchase. Just ask and you’ll get it – no questions asked. That’s The deal2win Promise.

Deal2win prides itself on being the longest running and most trusted provider in its category.

Recommended for you

दीपावली ...

‘दीपों का उत्सव’ दीपावली

दिवाली या कहें दीपावली भारतवर्ष में मनाया जाने वाला हिंदूओं का एक ऐसा पर्व है जिसके बारे में लगभग सब जानते हैं। प्रभु श्री राम की अयोध्या वापसी पर लोगों ने उनका स्वागत घी के दिये जलाकर किया। अमावस्या की काली रात रोशन भी रोशन हो गई। अंधेरा मिट गया उजाला हो गया यानि कि अज्ञानता के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान का प्रकाश हर और फैलने लगा। इसलिये दिवाली को प्रकाशोत्सव भी कहा जाता है। 

दिवाली का त्यौहार जब आता है तो साथ में अनेक त्यौहार लेकर आता है। एक और यह जीवन में ज्ञान रुपी प्रकाश को लाने वाला है तो वहीं सुख-समृद्धि की कामना के लिये भी दिवाली से बढ़कर कोई त्यौहार नहीं होता इसलिये इस अवसर पर लक्ष्मी की पूजा भी की जाती है। दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भैया दूज आदि त्यौहार दिवाली के साथ-साथ ही मनाये जाते हैं। सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक हर लिहाज से दिवाली बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। वर्तमान में तो इस त्यौहार ने धार्मिक भेदभाव को भी भुला दिया है और सभी धर्मों के लोग इसे अपने-अपने तरीके से मनाने लगे हैं। हालांकि पूरी दुनिया में दिवाली से मिलते जुलते त्यौहार अलग-अलग नामों से मनाये जाते हैं लेकिन भारतवर्ष में विशेषकर हिंदूओं में दिवाली का त्यौहार बहुत मायने रखता है।

दिवाली और लक्ष्मी पूजा

माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिये इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। घर में सुख-समृद्धि बने रहे और मां लक्ष्मी स्थिर रहें इसके लिये दिनभर मां लक्ष्मी का उपवास रखने के उपरांत सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न (वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है) में मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिये। लग्न व मुहूर्त का समय स्थान के अनुसार ही देखना चाहिये।

हिंदू धर्म में दीपावली का त्योहार खास महत्व रखता है, आज हम आपको बताएंगे दिवाली 2018 कब है. दिवाली पर धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है. ऐसा कहा जाता है कि कार्तिक मास की अमावस्या की आधी रात में मां लक्ष्मी धरती पर आती हैं. जिस घर में स्‍वच्‍छता और शुद्धता होती है मां लक्ष्मी वहां निवास करती हैं. दीवाली को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है, बता दें कि दीवाली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है और भैया दूज पर समाप्त होता है।

बता दें कि पांच दिन के इस दिवाली उत्सव में विभिन्न अनुष्ठानों का पालन किया जाता है. पांच दिनों के दीवाली उत्सव में अमावस्या का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसे लक्ष्मी पूजा, लक्ष्मी-गणेश पूजा और दीवाली पूजा के नाम से जाना जाता है. केवल घरों में ही नहीं दीवाली पूजा कार्यालयों में भी की जाती है. हिन्दु व्यवसायियों के लिए दीवाली का दिन सबसे महत्वपूर्ण होता है. इस दिन स्याही की बोतल, कलम और नए बही-खातों की पूजा की जाती है. दावात और लेखनी पर देवी महाकाली की पूजा और नए बही-खातों पर मां सरस्वती की पूजा कर बही-खातों को भी पवित्र किया जाता है. इस साल दिवाली 7 नवंबर 2018 को है।

लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त = 17:57 से 19: 53
अवधि = 1 घंटा 55 मिनट
प्रदोष काल = 17:27 से 20:06
वृषभ काल = 17:57 से 19:53 तक

Read More

© 2018 - 2019 to Deal2win.in , All rights reserved.